हाहाकार
हाहाकार वहां है, जहां खबर नहीं है
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निदा फाजली
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निदा फाजली
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Saturday, December 24, 2016
बिछड़े सभी बारी बारी...
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वर्ष दो हजार सोलह बीतने को है , विमर्श के कोलाहल के बीच साहित्य, संस्कृति और कला के दिग्गजों के निधन से अपूरणीय क्षति हुई । साल के शुरु...
Saturday, December 17, 2016
महान विभूतियों का नमन और स्मरण
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वर्ष दो हजार सोलह बीतने को है, साहित्य और संस्कृति को लेकर इस बीतते हुए साल में काफी कोलाहल हुआ । आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि किसी ...
Monday, February 15, 2016
वीराने में टहलती यादों की परछाइयां
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निदा फाजली ने अपनी किताब ‘ तमाशा मेरे आगे ’ की भूमिका में मैडम बॉवेरी को याद करते हुए कहा है कि – ‘ काश मेरे पास इतना पैसा होता कि सार...
Wednesday, January 16, 2013
अमिताभ से कसाब की तुलना नाजायज
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हिंदी की साहित्यिक पत्रिका पाखी पिछले करीब दो महीनों से हिंदी जगत में विवादों के केंद्र में है । पहले तो उसने रांची में रह रहे हिंदी के बु...
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