हाहाकार

हाहाकार वहां है, जहां खबर नहीं है

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Saturday, March 12, 2016

लुगदी साहित्य का गुनहगार ?

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इन दिनों हिंदी साहित्य में लुगदी साहित्य को परिधि से केंद्र में लाने की कोशिश हो रही है । शहर दर शहर आयोजित हो रहे लिटरेचर फेस्टिवल में ...
Saturday, June 30, 2012

लुगदी साहित्य की दुर्दशा

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सूरजमुखी, प्सासी नदी, प्यासे रास्ते, पतझड़ का सावन, झील के उस पार, शर्मीली, चिंगारी, पाले खां, चैंबूर का दादा, लाल निशान, नरक का जल्लाद, ...
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मेरे बारे में...

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अनंत विजय
पेशे से पत्रकार। फिल्म पर सर्वश्रेष्ठ लेखन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार (स्वर्ण कमल)। राजनीति, सिनेमा और साहित्य में गहरी रुचि।
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