हाहाकार
हाहाकार वहां है, जहां खबर नहीं है
Showing posts with label
शैलेन्द्र जी
.
Show all posts
Showing posts with label
शैलेन्द्र जी
.
Show all posts
Thursday, June 25, 2009
चलता हूं दोस्त...देख लेना
›
हर दिन की तरह बुधवार को भी मैं अपने दफ्तर में रन डाउन की बगल की अपनी सीट पर बैठा था । अचानक पीछे से किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और पीछे से ...
3 comments:
›
Home
View web version