हाहाकार

हाहाकार वहां है, जहां खबर नहीं है

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Wednesday, October 14, 2015

अकेलेपन का स्वप्न

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मुझे ध्यान नहीं आ रहा है लेकिन नामवर सिंह ने कहीं आचार्य रामचंद्र शुक्ल के हवाले से लिखा है कि कहानी सुनने वाला आगे की घटना के लिए आकुल ...
Friday, August 24, 2012

राजनैतिक चेतना की कविताएं

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हिंदी में एक अनुमान के मुताबिक इस वक्त करीब पांच सौ कवि एक साथ सक्रिय हैं और लगातार कविकाएं लिख रहे हैं । हिंदी के कई नासमझ संपादक उन कव...
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मेरे बारे में...

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अनंत विजय
पेशे से पत्रकार। फिल्म पर सर्वश्रेष्ठ लेखन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार (स्वर्ण कमल)। राजनीति, सिनेमा और साहित्य में गहरी रुचि।
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