हाहाकार
हाहाकार वहां है, जहां खबर नहीं है
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सुधीश पचौरी
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सुधीश पचौरी
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Saturday, July 2, 2022
लड़खड़ाती हिंदी आलोचना
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समकालीन हिंदी साहित्य में होनेवाले विमर्शों में अधिकतर लेखक आलोचना को लेकर उदासीन दिखाई पड़ते हैं। कुछ युवा और कई अधेड़ होते लेखक तो आलोचना ...
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Saturday, September 25, 2021
सूफियों पर पुनर्विचार की जरूरत
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हिंदी के मार्क्सवादी आलोचक नामवर सिंह की एक पुस्तक ‘दूसरी परंपरा की खोज’ 1982 में प्रकाशित हुई थी। तब उस पुस्तक की बहुत चर्चा हुई थी। इसकी भ...
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Wednesday, May 15, 2019
सुधीश पचौरी की दिल्ली की यादें
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प्रो सुधीश पचौरी प्रख्यात आलोचक हैं। उन्होंने लंबे समय तक दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य किया और वहां के उप कुलपति भी रहे। उनकी ...
Saturday, April 15, 2017
आलोचना की जड़ता पर प्रहार
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हिंदी में आलोचना की स्थिति को लेकर बहुधा सवाल खड़े होते रहे हैं। रचनाकारों से लेकर छोटे-मोटे आलोचना पुरस्कार से नवाजे गए चंद प्राध्याप...
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