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Thursday, January 3, 2019

शांत इलाके में पढ़ने की बेहतर जगह


एक रिहाइशी इलाके में पेड़ों के बीच एक इमारत। गेट से अंदर जाने पर कुछ छात्र इधर उधर दिखाई देते हैं। एक कमरे का दरवाजा खुला तो वहां अजीब सी शांति और छात्र पढ़ने में तल्लीन। ऐसे चार छह कमरे जिनके दरवाजे बंद और अंदर छात्र और पुस्तक का साथ । ये मंजर था नोएडा पब्लिक लाइब्रेरी के रीडिंग रूम का। वहां स्कूल, कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र बैठकर पढ़ाई करते हैं। नोएडा के सैक्टर पंद्रह स्थित नोएडा पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना वर्ष 2002 में हुई थी, इसका संचालन नोएडा लोक मंच नाम की गैर सरकारी संस्था करती है। इस लाइब्रेरी में 62000 पुस्तकें हैं जो विभिन्न विषयों की है जिनमें भौतिकी, रसायन शास्त्र, गणित, कंप्यूटर विज्ञान, प्रबंधन से लेकर हिंदी साहित्य की पुस्तकें भी उपलब्ध हैं। यहां हिंदी के अमूमन सभी उपन्यास और मशहूर कवियों के संग्रह भी उपलब्ध है। इस लाइब्रेरी से जुड़े महेश सक्सेना ने बताया कि वो काफी लंबे समय से नोएडा में एक पुस्तकालय के लिए प्रयासरत थे। 2002 में उनको इस काम में सफलता मिली और नोएडा अथरिटी ने लाइब्रेकी के लिए जगह दे दी । उसके बाद से पुस्तकालय की योजना परवान चढी। आसपास के इलाके के लोगों ने इस पुस्तकालय के लिए पुस्तकें दान दी। दिल्ली के मशहूर पुस्तकालयों ने भी नोएडा पब्लिक लाइब्रेरी को पुस्तकें तोहफे के रूप में दी। अब तो हालात ये है कि जो पुस्तकें तोहफे के रूप में आती हैं उनमें से जो वहां नहीं होती हैं उसको तो पुस्तकालय में जगह मिलती है और जिल पुस्तक की प्रतियां पहले से उपलब्ध हैं उसको वहां आने वाले छात्रों को या फिर आसपास के स्कूलों के पुस्तकालयों में बांट दी जाती हैं। अब ये पुस्तकालय एक समृद्ध पुस्तकालय के तौर पर अपनी पहचान बना चुका है। आज हर रोज करीब तीन सौ छात्र इस पुस्तकालय के रीडिंग रूम का लाभ उठाते हैं। नोएडा की यह एकमात्र लाइब्रेरी है जिसमें इतने लोगों के पढ़ने की व्यवस्था है और ये सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक खुलता है। रीडिंग रूम में बेठकर पढ़ने के लिए दस दिनों के लिए 100 रु की एक पर्ची कटती है। जिसको दिखाकर कोई भी छात्र सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक दस दिनों तक पढ़ाई कर सकता है। दस दिन बीत जाने के बाद उसको फिर से नई पर्ची बनवानी होती है। नोएडा पब्लिक लाइब्रेरी में 62000 पुस्तकों के अलावा हर दिन 13 समाचारपत्र भी आते हैं। रीडिंग रूम में बैठनेवाले छात्र अगर चाहें तो रेफरेंस के लिए लाइब्रेरी से पुस्तकें लेकर सुबह से शाम तक पढ़ाई कर सकते हैं।
रीडिंग रूम के अलावा पुस्तकालय केभी अलग अलग सदस्य हैं। नोएडा पब्लिक लाइब्रेरी में दो हजार रुपए देकर आजीवन सदस्य बना जा सकता है। सदस्यता के लिए किसी भी सरकारी पहचानपत्र का होना आवश्यक है। आजीवन सदस्य तीन पुस्तकें लेकर घर जा सकते हैं और उसको 15 दिनों तक अपने पास रखकर पढ़ सकते हैं। इसी तरह से 750 रु की सदस्यता लेकर आप 2 पुस्तक और 550 रु की सदस्यता लेकर आप एक पुस्तक 15 दिनों के लिए घर ले जा सकते हैं। पुस्तकालय से जुड़ी विभा बंसल ने बताया कि उनके पुस्तकालय में बुजुर्ग सदस्यों के लिए एक विशेष सुविधा है कि अगर कोई सदस्य 15 दिन के लिए पुस्तक ले गए और वो पढ़ नहीं पाए तो वो फोन पर भी अगरे 15 दिनों के लिए उसका रिन्यूल करवा सकते हैं।
कैसे पहुंचें
नोएडा पब्लिक लाइब्रेरी सैक्टर 15 मेट्रो स्टेशन के पास है। मेट्रो से वहां पहुंचना आसान है। मेट्रो स्टेशन से या तो पैदल या इलेक्ट्रिक रिक्शा से पहुंचा जा सकता है।    

1 comment:

राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन सुभाष बाबू जिन्दाबाद का जयघोष और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...